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Showing posts from July, 2020

दुनिया का सबसे बड़ा धन यह है।। जितना चाहे उतना ले सकते हो!!

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न चोरहार्यं न च राजहार्यं ना भातृभाज्यम न च भारकारी व्यये कृते वर्धत एव नित्यं विद्याधनं सर्वधनं प्रधानम इस धन को ना तो कोई चुरा सकता है और ना ही इस धन पर किसी प्रकार का इनकम टैक्स देना पड़ता है ना ही यह धन भाइयों में बांटा जा सकता है और ना ही इस धन का किसी भी प्रकार का वजन है इस धन को जितना भी खर्च किया जाए यह लगातार ही बढ़ता जाता है ऐसा विद्याधन सारे धनो में प्रधान धन माना गया है हमारे शास्त्रों में विद्याधन का उल्लेख सब प्रकार के धन में सर्वश्रेष्ठ माना गया है क्योंकि यह धन हमारे मन में होता है यह सब हमारे मस्तिष्क में होता है यह हमारे अंतर शरीर में होता है इसीलिए इस धन को कोई भी चुरा नहीं सकता इस धन पर किसी भी प्रकार का इनकम टैक्स भी नहीं देना पड़ता यह थोड़ी हास्यास्पद बात है क्योंकि जो धन दिखाई ही नहीं दे रहा है उस धन पर किस प्रकार का कर (इनकम टैक्स) दिया जाए परिवार में एक समय ऐसा आता है जब पिता को अपने धन का बंटवारा अपने पुत्रों में करना होता है लेकिन विद्याधन ऐसा धन है जिसने अपनी क्षमता अनुसार जितना भी अर्जित कर लिया वह सदा के लिए उसका ही होकर रह जाता है इसलिए जिस धन ...

5 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर पाये लक्ष्मी व सरस्वती की कृपा

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हमारे सनातन धर्म में गुरु को सर्वोपरि बताया गया है इसी कारण वर्ष में एक दिवस हम गुरु को समर्पित करते हैं ऐसा कहां जाता है एक अच्छा गुरु मिलना बहुत ही मुश्किल होता है परंतु ऐसा गुरु जिसको मिल जाए भवसागर में उसकी नैया पार लग जाती है गुरु पूर्णिमा कई मायने में हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है इस पूर्णिमा की रात्रि को यदि हम कुछ ऐसे कार्य करें तो हमारी बुद्धि बहुत ही तीक्ष्ण हो जाती है और हमारे घर में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहती अर्थात लक्ष्मी की भी कृपा बहुत रहती है।। गुरु पूर्णिमा के दिन सुबह नहा धोकर नित्यकर्म से मुक्त होकर स्नान ध्यान करके सुबह का पहर गुरु को समर्पित किया जाता हैअगर आपने अभी तक किसी को अपना गुरु नहीं बनाया है तो इस गुरु पूर्णिमा पर भगवान शिव को अपना गुरु मानकर उनका मात्र जल से अभिषेक करने पर आपको शीघ्र ही सरस्वती की कृपा अर्थात पढ़ाई में अग्रता एवं लक्ष्मी की कृपा अर्थात धन से संबंधित संपन्नता प्राप्त होगी वेद, पुराण, उपनिशद और महाभारत की रचना करने वाले महर्षि वेद व्यास का जन्म आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा पर हुआ था। महर्षि वेद व्यास के जन्मदिन को गुरु पूर्णिमा ...